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जो जी चुका होता है

                
                                                         
                            जो जी चुका होता है
                                                                 
                            
वो मर चुका होता है
मैं जी रहा हूं जीवन
मैं मर रहा हूं जीवन
क्या काम कर रहा हूं
आराम कर रहा हूं
दुनिया की फ़िक्र कर के
यादों का ज़िक्र कर के
बदनाम हो रहा हूं
बदनाम कर रहा हूं
दुनिया को मैं तुम्हारी
तुम वो जो जी रहे हो
तुम काश अमर होते
ये रूह पर अमर है
आवाज़ इसके घर है
पहचानते नहीं तुम
पहचानते नहीं हम
मैं आप से कहता हूं
मैं आप में रहता हूं
और आप हैं जो मुझमें
ये जी रहे हैं अब हम
ये मर रहे हैं अब हम
हां, ज़िन्दगी ही है मौत
हां, मौत ज़िन्दगी है
- मृदुल
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 घंटे पहले

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