न हो निराश न हो उदास
की गहराई समंदर की, ऊंचाई आसमान की
अब भी नाप सकते हो तुम
असफलताए हजार मिली हो तुमको
तो क्या हुआ
फौलाद बनकर खुद को अब भी
तराश सकते हो तुम
अच्छा कुछ और लिखा होगा
किस्मत में तुम्हारी
सितारे सफलता के न मिले तो क्या हुआ
आँख के तारे तो पहले से ही हो तुम किसी के
जिंदगी संभावनाओं और मेहनत का नाम है
तो उठो, फिर शुरू हो तलाश
न हो निराश, न हो उदास
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