आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

अमृत उद्यान पर कविता

                
                                                         
                            यह फूलों की शान है,
                                                                 
                            
यह फूलों का जहान है,
यह फूलों का गुलज़ार है,
यह फूलों की सोंधी - सोंधी,
खुशबू का अम्बार है,
यह प्रकृति की शोभा है, साथ ही,
तितली और भवरों की आभा है,
यह मात्र अमृत उद्यान नहीं, बल्कि,
हमारे देश की माटी का मान है,
यह प्रकृति का खिला हुआ वरदान है
- आकांक्षा गुप्ता
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
5 घंटे पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर