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आजादी की गूंज एक नया सवेरा

                
                                                         
                            "आजादी की गूंज एक नया सवेरा "
                                                                 
                            

गूंजने लगी शहनाईयां हर ओर खुशियां छाई है,
लगता है जैसे स्वतंत्रता दिवस पर दिवाली आई है।
हर हाथ में तिरंगा झंडा खुशी से लहराता है,
मेरे भारत का बच्चा बच्चा खुशी से फूला न समाता है।।१।।

जयहिंद के गगनभेदी नारे हर मन को उत्तेजित करते हैं,
राष्ट्र प्रेम का भाव हर दिल में चुपके से पैदा करते हैं।
छोटे छोटे बच्चे जब शान से तिरंगा फहराते चलते हैं,
ऐसा लगता है मानों हर घर में सैनिक पैदा होते हैं।।२।।

वीर शहीदों की गहरी यादें इस दिन पैदा हो जाती है,
भारत की सभ्यता संस्कृति इस दिन प्रफुल्लित हो जाती है।
सुन्दर संस्कारों बेल भी इस दिन बढ़ती चली जाती है,
भारत मां भी इन बच्चों को देख खुशियों से इतराती है।।३!!

चहुं दिशाओं में राष्ट्र प्रेम का अद्भुत दृश्य दिख जाता है,
भारत का बच्चा बच्चा राष्ट्र का वीर सिपाही बन जाता है।
पूरव से पश्चिम उत्तर से दक्षिण सब एक हो जाते हैं,
पवित्र दिवस के मौके पर राष्ट्र प्रेम में सब रम जाते है।।४।।

हम शपथ उठाते इस दिन भारत को स्वर्ग बना देंगे,
जो भी विद्वेष करे इस धरती से उस को धूल में मिला देंगे।।५।।

 
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6 घंटे पहले

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