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याद का चुम्बन

                
                                                         
                            याद का चुम्बन स्पर्श से गहरा निकला।
                                                                 
                            
कभी बीतता ही नही ऐसा इश्क निकला।।

एहसास फीके न हुए अबतक जिंदा उनके।
दरवाजों के बाहर फिर न 'उपदेश' निकला।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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9 घंटे पहले

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