रब की मर्जी के बिना कुछ होता नही।
जो भी दिया उसने वह कोई कम नही।।
बेवजह उलझी शिकवे शिकायतों में।
शिकवे शिकायतों से कुछ होता नही।।
होगी शिकायत लोगों को मुझसे मगर।
मुझको शिकायत किसी से कोई नही।।
जो साथ दे रहा उसे सलामत रब रखे।
छोड़कर गया उससे गिला कोई नही।।
न कोई अपना न कोई पराया यहाँ पर।
वक्त पर काम आए 'उपदेश' कोई नही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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