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उनकी आदत

                
                                                         
                            उनकी आदत में है कभी गुम तो कभी मुस्कराना।
                                                                 
                            
अच्छे बुरे दिन बता कर सवालों को टाल जाना।।

किस तरह के हार्मोंस कब बन जाते उनके अन्दर।
आज तक न जान पाया हाल बदलती या बहाना।।

बातचीत रुक जाती तब तब मेरी चिंताएँ बढ़ाती।
शिष्टाचार है तो मगर उसे वक्त पर नही अपनाना।।

कुछ कुछ आदतें बेहद परेशान कर देती 'उपदेश'।
दोस्ती अच्छी इसीलिए उनका पसंदीदा मेरा खाना।।

कई बार लगा मुझे कि दोस्ती टूटने के कगार पर।
मगर फिर रफ्तार पकड़ती जब कि दुश्मन ज़माना।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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3 घंटे पहले

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