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शर्तो वाली मोहब्बत

                
                                                         
                            शर्तों वाली मोहब्बत, घायल दिखी।
                                                                 
                            
हकीकत जब जानी, कायल दिखी।।
लो रंग लाने लगी, उसकी गलतियाँ।
होशियारी रिश्तेदारी, जाली दिखी।।
एक ही तरकीब, उसकी बांकी रही।
मांफी माँगी, फिर वो घरवाली दिखी।।
जिन्दगी की सीख, वफा पर टिकी।
संग में 'उपदेश' के, खुशहाली दिखी।।

उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
 
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4 वर्ष पहले

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