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रक्षाबंधन

                
                                                         
                            टीन ऐज की यादगार कितनी करीबी।
                                                                 
                            
रक्षाबंधन नाम दिया इंतजार में डूबी।।

एक धागा का बहाना स्वर्ग सुख देता।
दिलों को जोड़े रखता इतनी करीबी।।

सब तरह की बातो में रार और दुलार।
बहन के पास होती हर राज की चाबी।।

रिश्तों की महफिल में आपसी प्यार।
दूरी कितनी भी फिर भी खुशनसीबी।।

त्यौहार बना कर रिश्ता अमर कर दिया।
सामने आ जाए ना आए सदा हबीबी।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश l'
 
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एक घंटा पहले

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