प्रेम में पडी लड़की की मुश्किलें अलग होती।
कह कुछ नही पाती पर चिंताएँ हजार होती।।
मेरे अलावा किसी और से जुड़ाव तो नही है।
जासूसी से शक बढ़ी तो जलन ज्यादा होती।।
मुझे लगता प्यार में नारी कुछ ज्यादा सोचती।
प्यार जितना गहरा होता फिक्र ज्यादा होती।।
जवानी का प्यार आँखें खोल देता जब कभी।
करीबी से कम दूरी में भावनाएँ ज्यादा होती।।
इनके साथ-साथ डर भी ज्यादा आते 'उपदेश'।
उमर जब बढ़ जाती तब समझ ज्यादा होती।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X