चलो ठेल देते हैं गहमागहमी थोड़ी दूर।
कुछ देर मुस्कुराने की जुर्रत करे हुजूर।।
चलते कहीं बैठते हैं मोहब्बत के साथ।
जिन्दगी में खुशी से व्यवहार करे हुजूर।।
दिल मिलाने के मौसम का मुहूर्त नही।
मौक़ा खोजकर क्रीड़ा महान करे हुजूर।।
क़ीमती वक्त अब तुम्हारे साथ गुजारना।
बचपन में लौट जाने को दिल करे हुजूर।।
थकान से वास्ता कभी प़डा नही 'उपदेश'।
तुम्हारे साथ थक जाने को दिल करे हुजूर।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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