जो मोहब्बत में डूबा वह भी मर गया।
समुन्दर का किनारा लहरों से भर गया।।
खारा पानी दिल की प्यास बढ़ाता जैसे।
सुकून का किनारा प्यास और भर गया।।
आजमाइश के दौर में इम्तिहान दे रहा।
वफ़ा की उम्मीद के लिए ख्वाब भर गया।।
चाँदनी रात में चाँद का होना लाज़मी है।
उसके वाबजूद 'उपदेश' तन्हा मर गया।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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