आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

स्वतंत्रता दिवस पर हम झंडा फहराते

                
                                                         
                            स्वतंत्रता दिवस पर हम झंडा फहराते।
                                                                 
                            
अपनी खुशी में इतराते किसे जलाते।।

लोग तकल्लुफ करते य़ह कहने का।
जुलूस निकलकर बताते किसे जलाते।।

शहीद जिंदा महसूस होते महफ़िल में।
उन्हीं के लिए नारे लगाते किसे जलाते।।

जेन जी जेन अल्फा बने रंग की खुशबू।
होली की तरह फैला कर किसे जलाते।।

जलेंगे वही जो ग़द्दार सत्ता में 'उपदेश'।
अन्दर ही अन्दर सुलगते खुद को जलाते।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 hour ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर