जब-जब मन मचलता उनको याद कर लेते।
तन्हाई में बैठकर 'उपदेश' फ़रियाद कर लेते।।
भरोसे पर यकीन कभी तोड़ेगा नही 'उपदेश'।
कभी आएगा सोचकर दिल नाशाद कर लेते।।
किसी को नही समझा सकते अब रहने देते।
किस्मत बदल नही सकते केवल याद कर लेते।।
खुद ही धारा चुनी ठहराव को तवज्जो ना दी।
अब वक्त के साथ बहकर वक्त बर्बाद कर लेते।।
तकलीफ़ कम नही होती इलाज उसके पास।
दिल बहलाने को खुद से जद्दोजहद कर लेते।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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