इश्क है अगर तो लफ्जों में मिलाकर देखो।
चेहरा खिल जाएगा उसको बताकर तो देखो।।
माना खामोशियाँ तेरे दिल में घर बना चुकी।
हकीकत में मिलने का भाव सजाकर तो देखो।।
काफी भटक लिया जो मिला कम लग रहा।
इन आँखों में थोड़ा एहसास जगाकर तो देखो।।
कतरा-कतरा हर ख्वाब साकार होने लगेगा।
मायूसियों की चादर 'उपदेश' हटाकर तो देखो।।
चाहतें होले-होले मुकम्मल होने लग जाएगी।
खुशी के पल आयेंगे जरा मुस्कराकर तो देखो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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