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दिल की बात

                
                                                         
                            तेरी समझ में आज भी अच्छाई होगी।
                                                                 
                            
दिल की बात जुबान पर न आई होगी।।

किस तरह पढ़ लेती तजुर्बा कच्चा नही।
शरारत आई गई चेहरे पर न छाई होगी।।

सामने रहकर इशारों में बाते करती रही।
गुलाबी दिखती नज़र पर न लाई होगी।।

होंठो को छूकर सूरज सा निकल आता।
मोहब्बत में कभी ठिठुरन न आई होगी।।

तकरार अक्सर मोहब्बत की निशानी है।
खुशी के हाथो में ना दर्द न दवाई होगी।।

घर ही चमन खुशबू भरा होगा 'उपदेश' ।
ऐसी मोहब्बत में कभी न महंगाई होगी।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
गाजियाबाद
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4 घंटे पहले

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