तुझे एक दिन बेकरार ना कर दूँ तो कहना।
तेरी यादों को भँवरदार ना कर दूँ तो कहना।।
हम ऐसे खेलो के महारत खिलाड़ी तो नही।
फिर भी कोई चमत्कार ना कर दूँ तो कहना।।
तूँ बादलों में छुपी चाँद, मैं आशिक तुम्हारा।
वक़ीलो को समाचार ना कर दूँ तो कहना।।
तूँ अपनी राहों को इतना भी अंजान ना बना।
उधार है प्यार इज़हार ना कर दूँ तो कहना।।
चेहरे पर मुस्कान न आए ऐसा नही 'उपदेश'।
आईने में नैन दो से चार ना कर दूँ तो कहना।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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