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आँखों के नीले, गगन के तले

                
                                                         
                            आँखों के नीले, गगन के तले !
                                                                 
                            
जहाँ ठहरे हैं, यादों ,वाले काफिले !

इक रस्ता बने ,जो तुम तक बने ,
आये न कोई, बस, हम तुम चले !

जो बादल भी तेरे, लबों सा बना,
तो बारिश भी मुझ पे, हो जाये भले !

जो डूबी तू मुझ में, तो डूबा मैं तुझ में,
जमाने में लोगों के, जी क्यूं जले ??

तिनके सी खुशी ले, मुठ्ठी भर सुकूँ
तेरा नाम ले के, आ लगता गले !

मैं रहूं न रहूं, तू रहे न रहे,
जहां में मोहब्बत ही, फूले- फले !

- तनु थदानी
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4 घंटे पहले

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