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किताबें आ रहीं,,

                
                                                         
                            किताबें आ रहीं,,
                                                                 
                            

किताबें आ रहीं
आलस से कुंद
पड़े जेहन*
सर्द मौसम और
जर्द* पड़े चेहरों
को दमकाने
किताबें आ रहीं।
*मस्तिष्क
**पीले
शिकवे शिकायतों
के ग़िलों को हटाने को
किताबें आ रहीं।

ख़्वाबों ख्यालों को
अपनी सोहबत से
सहलाने दुलारने
पुचकारने को
माँ सी
किताबें आ रहीं।

ज़िंदगी में एक और
नए साल का पुख्ता
और पुरजोर आग़ाज़
करने को ,
एनबीटी औ आई टी पी ओ
की जुगलबंदी में,
मेले के रेले की रौ में
समंदर की मौजों सी
मलय समीर सी
इल्म की झीनी भीनी
सी फुहार में
सराबोर करने को
किताबें आ रहीं।
पाक साफ सी
इंसा को 'उसकी रज़ा'
का पैगाम देने को
किताबी बयार आ रहीं।

सियासत को भी अपने
रथ पर बिठा,
सलाहियत*,आपसी
अख़लाक़* की रूहानी
मसर्रत* देने को
तुम्हारी और हमारी
किताबें आ रहीं।
(*योग्यता,*आपसी,
सौहार्द,*दिली खुशी)

आज के आत्मनिर्भर
भारत और उसके
नए नए मुकाम को
बताने जताने समझाने
को सुनो सुनो
सुनो तो
नई दिल्ली विश्व पुस्तक
मेले में
खूब सारी ढेर सारी
किताबें आ रहीं।
-सूर्यकांत शर्मा
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7 महीने पहले

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