एक था ,
लंका का राजा।
कभी ना जिसने ,
कहा किसी का माना।
रावण था उसका नाम,
खुद पर था उसको अभिमान।
एक बार,
माता सीता को हर लाया।
देखो कैसा,
बुरा काम वो कर आया।
लक्ष्मण संग राम जी,
जब कुटिया में आए ।
सीता जी को ना पाके वो घबराए ।
रावण संग राम जी ,
की हुई लड़ाई।
रावण को हराया ,
उन्होंने माता सीता वापस पाई ।
दस सर वाले ,
रावण की हुई हार ।
अच्छाई पर,
बुराई की हुई मात।
दशहरे का पर्व,
तब से मनाया जाता।
बुराई पर अच्छाई की जीत,
का यह संदेश लाता।
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