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स्वदेशी संसाधन

                
                                                         
                            मानव निर्मित नदी कहो या केनाल।
                                                                 
                            
दो सौ माइल लम्बा बनाते कुश टेप।
नही विदेशी टेक्निक है नही मशीन।
नही विदेशी धन के पीछे दौड़ भाग।

सत्ता में आए आतंकी थे वे बदनाम।
मगर गजब करते इकॉनमी में नाम।
कम समय मे कर रहे है कायाकल्प।
ले स्वदेशी इंजीनियर स्वदेशी वर्कर।

करेंसी को बना बैठे बहुत बलवान।
तालिबान कर रहे है स्वदेश निर्माण।
न लाचारी न भुखमरी न मांगे भीख।
स्वदेशी विकास हो स्वदेशी निर्माण।

चलाते मनरेगा देते पांच किलो अन्न।
करोडों जेबे काट लेते वाहवाही लूट।
गुलामी सेठ की भरते है उनकी जेब।
विकास प्रोजेक्ट में करते बंदर बांट।

छोड़ देते क्यों चल रहे अर्थी पर चढ़।
उतर पडते क्यों होते रहते है लाचार।
जरूरत है आप देते स्वदेशी विजन।
करोड़ो लोगो को देते जाते रोजगार।

सहज ही सुधार लेते व्यवस्था टेक्स।
स्वदेशी श्रमदान से जनता खुशहाल।
स्वदेशी संसाधन करे जनता के नाम।
रोजगार पैदा से करे स्वदेशी निर्माण।
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2 वर्ष पहले

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