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रोक टोक

                
                                                         
                            हमारी रोक-टोक ने
                                                                 
                            
तेरे पैरों को ज़मीन पर टिका दिया
थमती हुई तेरी साँसों को
जीना सिखा दिया
तेरे हाथों में कलम दिया
तुझे लिखना सिखा दिया
हमने हर आँधी-बारिश से
तुझसे लड़ना सिखा दिया
तूने हमारे प्यार को
पाबंदियों का नाम दिया
हमारे लालन-पालन को
बदनाम किया
अब तू हमारे घोंसले की
चिड़िया नहीं रही
हमारी रोक-टोक
अब तेरे लिए नहीं है सही।
-- सुरेन्द्र पाण्डेय 
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2 महीने पहले

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