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जो बदल सकता हे,दुनिया का मौसम का मिजाज

                
                                                         
                            जो बदल सकता हे दुनिया का मौसम का मिजाज
                                                                 
                            

जो बदल सकता हे दुनिया का,
मौसम का मिजाज,
उस युवा पीडी का,
अहबाब के कोसाहार का रक्स देखिये,

वक्त क्या हे,
यहाँ सब खुला देखिये,

आप भी इस युवा पिढी का,
बोसाये तमासा देखिये,

जो बदल सकता हे,
इस दुनिया का मौसमे मिजाज,
उस युवा पीडी का ,
चेहरे का गिरता मिजाज देखिये,

यहां जल रहा स्वदेश,
इस बहलाती हुइ योम को,

किस तरह अश्रलील हे,
दीदारे-ए-इशक की भाषा देखिये,

मतस्यगंधा फिर हो रही,
ऋषियों का शिकार,
दूर तलक फैला हुआ,
गहरा हुआ आरजू-ए-इशक देखिये,
अब जिस्म क्या रूह का,
सब कुछ खुलासा देखिये,(कवि खत्री,)
जो बदल सकता इस दुनियां का मिजाज,
उस युवा पीडी का बदलता मिजाज देखिये


कवि खत्री भेल बनारसी

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6 वर्ष पहले

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