आज मन मे बड़ा जुनून सा आया है
बड़े दिन बाद दिल मे सुकून सा आया है
क्योंकि मेरे जान ए जिगर ने
मुझपे थोड़ा इश्क लुटाया है
इसलिए बड़े दिन बाद
दिल में सुकून सा आया है
वो अपना दर्द छिपाता बहुत है
मेरी बातों पर मुस्कुराता बहुत है
कहता है मुझ पर लिखकर कुछ
मुझे बदनाम मत किया कर
तब मेरे दिल ने कहा छोड़ दूँगी
बस तू वैसा काम मत किया कर
मैंने कहा बता तुझे अच्छा नही लगता
मै तुझपे काव्य लिखना छोड़ दूँ
कापी की क्या औकात
मै कलम भी तोड़ दूँ
मैने ये नही कहा कि तू मुझपे लिखना छोड़ दे
बस मेरे मान को रख दे
अब तेरे दायरे में हूँ
यकीन कर और बख्श दे
चल आज से तुझे मै बख्श दूँगी
बता उसके बदले मे तू मुझे क्या देगा
वफादारी करेगा या फिर से दगा देगा
बता उसके बदले में क्या देगा
-S.A.Yduvanshi
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