सभ्य, सुशील, कर्त्तव्यपरायण , सत्यवादी बलवान बनो,
रूपवती, गुणवती, दयालु , विदुषी तुम धनवान बनो,
चुनौतियों को भी धूल चटाओ ऐसी सामर्थ्यवान बनो।
नहीं छूना ये गगन पुराना स्वयं नया आसमान बनो,
फैलाओ सद्गुणों को अपने हम सबकी पहचान बनो।
मात पिता अपने गुरुजन का तुम एक दिन अभिमान बनो ।
अपनी सरलता से फूलों की खुशबू और मुस्कान बनो।
अपने माता पिता की आज्ञाकारी तुम कन्या हो।
गुरुओ का मान सदा बढ़ाना क्योंकि तुम अनन्या हो।
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