एक छोटा सा हिंदू देश ,
भौगोलिक विविधताओं से भरा हुआ,
जहाँ हिमालय की अनेक शृंखलाएँ अवस्थित,
एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ तिब्बत,
भारत का सबसे करीबी दोस्तों में एक,
जहाँ भारतीयों को जाने के लिये,
कोई वीजा नहीं चाहिए।
उस देश पर जब जब विपदा आई,
भारत ने अपनी दोस्ती निभाई।
जब भूकंप ने ढहाया था कहर,
भारत ने कदम मिलाया हर पहर।
अब जब फिर से नेपाल में विपदा आई भारी,
भारत और अन्य देशों ने साथ दिया भारी।
सहायता करने खड़े डॉक्टर,रेस्क्यू टीम,आदि,
कोशिश कर रहें सभी न फैले महामारी।
गूँजेगें नेपाल में फिर जय पशुपतिनाथ के नारे,
दी जायेंगी नेपाल के पुनःनिर्माण की मिसालें।
फिर से फैलेगा महात्मा बुद्ध का शांति संदेश,
नेपाल दोबारा होगा एक बार सफल प्रदेश।
ध्वस्त नहीं होंगी गोरखाओं की हिम्मत,
फिर से करेंगें अपने स्थानों की मरम्मत।
जो उस प्रचण्ड सैलाब की चपेट में आये,
लौट कर वो तो नहीं आ पायेंगें।
पर हम सब मिलकर नेपाल को पुनः बसायेंगे।
करेंगें सहयोग तन मन धन से सभी,
परिणाम स्वरूप नेपाल खड़ा होगा तभी।
विपदाओं से घिरा नेपाल आज अकेला नहीं है,
नेपाल फिर से मुस्कराए, सबकी कामना यही है।
-सीमा केडिया
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