सावन महीना लेकर आता हरियाली ही हरियाली,
चारों ओर प्रकृति की छटा लगती मनमोहक निराली।
सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि आती,
अखण्ड सौभाग्य का पर्व हरियाली तीज कहलाती।
शिव गौरा की करें पूजा माँगें अमर सुहाग का वरदान,
पर्यावरण की रक्षा हेतु कुछ वृक्षों का करें पुण्य दान।
अपने सुहाग की खातिर करती सुहागिनें उपवास,
शिव पार्वती से अखण्ड सुहाग की करती अरदास।
हरे कपड़े और हरी चूड़ियाँ से करें मनमोहक श्रृंगार,
मनभावन मेहंदी डिजाइन से करें हाथ पैर लाल।
पेडों में झूले डाल झूले सखियों संग बार बार,
कन्हैया संग राधा रानी को भी झुलायें हजार।
मनायें तीज का त्योहार खायें मिठाइयाँ अपार,
सावन के आने से शुभारंभ हमारे तीज त्योहार।
इसी बीच बरसती रहती रिमझिम बारिश की फुहार,
गाती महिलाएँ मधुर स्वर में तीज के गीत मल्हार।
- सीमा केडिया
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