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हरियाली अमावस्या

                
                                                         
                            मासों में एक पुनीत श्रावण मास,
                                                                 
                            
जिसका महत्व बहुत ही ज्यादा।
हरियाली अमावस्या के पूजन से,
कटती सबकी विपदा-बाधा।

शिव पार्वती का करें पूजन,नमन,
विभिन्न फूलों ,बेलपत्रों से करें श्रृंगार।
दूध, दही ,जल से करें अभिषेक,
नमः शिवाय नाम जाप का करें विचार।

इस दिन वृक्षारोपण का विधान,
देता है प्रकृति से जुड़ने का संदेश।
लगायें नीम, पीपल, बेलपत्र का पेड़,
पर्यावरण संरक्षण से खुश होते महेश।

पितरों के निमित्त करें दान धर्म ,
करें उन्हें जल अर्पण और तर्पण।
पितरों की जब बरसती कृपा,
उन्नति के मार्ग का होता वर्धन।

सीमा केडिया
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5 घंटे पहले

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