आज सुबह तुम्हारी डायरी के साथ चाय पी मैंने,
मुस्कुराई कि हर सफ़हे को मेरे ही रंग से रंगा है तुमने।
पढ़ते हुए ऐसा लगा तुम्हारे एहसास की ख़ुशबू है हर सू,
बड़ी मुश्किल से संभाला इस बेक़रार दिल को अपने।
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