जब राहों में काँटे मिलते हैं,
जब अपने भी मुँह मोड़ते हैं,
जब टूटे मन के आँगन में,
उम्मीद के दीपक बुझते हैं।
तब होठों पर बस नाम रहे,
मन में विश्वास अपार रहे,
हर मुश्किल छोटी लगती है,
जब हनुमान का साथ रहे।
न धन चाहिए, न मान चाहिए,
न दुनिया से सम्मान चाहिए,
बस सिर पर हाथ बजरंगी का,फिर और कहाँ कुछ चाहिए।
आँधी आए या तूफ़ान आए,
किस्मत कितने इम्तिहान लाए,एक बार जो हनुमान कहे,वो गिरकर भी फिर उठ जाए।
जहाँ डर हो, वहाँ धीरज हैं,
जहाँ हार हो, वहाँ जीत हैं,
जहाँ कोई साथ न दे पाए,
वहाँ बजरंगी की प्रीत है।
एक नाम, हज़ार सहारे,
एक भरोसा सबसे प्यारा,
रामभक्त जब साथ खड़े हों,
फिर कौन बिगाड़े भाग्य हमारा।
जब मन में अँधियारा छाए,
जब कोई राह नज़र न आए,
बस आँखें मूँद पुकार लेना-
जय बजरंगबली कह देना।
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