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सब्र की भंडार रहती है

                
                                                         
                            तुम्हारे बिन मै मर जाऊँ
                                                                 
                            
अगर तु ना नज़र आए
जमाने से बिछड़ जाऊँ
अगर तु ना नज़र आए
तेरे होने से हिम्मत,
सब्र की भंडार रहती है

तेरे संग ना जो जी पाऊ
तुम्हारे बिन मैं मर जाऊँ

तेरी आखों की सूरमा,
रंगते होठों से जीता हूं,
अगर तुमको ना ग़र पाऊ
तुम्हारे बिन मैं मर जाऊँ

कभी चाहूँ. मै तन्हा होश में
मदहोशी से जानम
अगर तुमको ना जो भाऊ,
तुम्हारे बिन मैं मर जाऊँ

शिवा तुझे चाहता दिन-रात
धड़कन सासों की भाती,
अगर तुमसे ना मिल पाऊ,
तुम्हारे बिन मै मर जाऊ.


 
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