आज़ादी के माने मेरे पहचानोगे
कैदे से परिंदे उड़ा कर तो देखो
किस्मत के दिन अपने बदल पाओगे
रंग मेहनत के मिला कर तो देखो
-शैलेंद्र शुक्ला "हलदौना"
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