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हम ना शायर

                
                                                         
                            खूब बातों पर यह दिल ठहरता नहीं,
                                                                 
                            
आफ़ताबों की ख्वाहिश तो करता नहीं
ना ही हंसमुख सा चेहरा, ना ही खुशमिजाज
फ़िज़ूल हरकतो को नजरों में भरता नहीं
मोहब्बत की बातें हम करते नहीं,
गुलाब लहज़े पर भी हम फिसलते नहीं
हम ना शायर, हम किसी पर मरते नहीं
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
एक महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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