खूब बातों पर यह दिल ठहरता नहीं,
आफ़ताबों की ख्वाहिश तो करता नहीं
ना ही हंसमुख सा चेहरा, ना ही खुशमिजाज
फ़िज़ूल हरकतो को नजरों में भरता नहीं
मोहब्बत की बातें हम करते नहीं,
गुलाब लहज़े पर भी हम फिसलते नहीं
हम ना शायर, हम किसी पर मरते नहीं
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