मन से नहीं निरोग,
हठधर्मी हैं लोग,
चयनात्मक संवाद,
करें अनुग्रह लोग,
सुविधा के अनुरूप,
करें ढिठाई लोग,
ढुलमुल रखते चाल,
मज़ा उठाते लोग,
मिहनत से परहेज़,
तिकड़म करते लोग,
सत्ता का उपभोग,
जमकर करते लोग,
जाति धर्म की आड़,
नर्तन करते लोग,
बन जाते हथियार,
हथकंडे में लोग,
'गुंजन' जन कल्याण,
करते निश्छल लोग,
--शशि भूषण मिश्र 'गुंजन'
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