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पवित्र प्रेम से सजा रिश्ता

                
                                                         
                            पवित्र प्रेम से सजा रिश्ता,
                                                                 
                            
शब्दों से लिखा नहीं जा सकता।
दुनिया में अनमोल यह रिश्ता,
जताया कभी नहीं जा सकता।
भाई-बहन का रिश्ता होता है ऐसा,
मीठी तकरारों से सजा हो जैसा,
कभी छोटी-सी बात पर रूठ जाना,
कभी बिना कहे एक-दूसरे की बात समझ जाना।
कभी बचपन की शरारतों पर हँसना,
तो कभी मुश्किल समय में चुपचाप
एक-दूसरे का सहारा बन जाना।
ढाल बनकर कठोर चट्टान की तरह खड़े हो जाना,
असंभव को संभव कर दिखाना।
इस रिश्ते की यही सुंदरता है,
पवित्रता प्रेम की और रिश्ते में मधुरता है।
एक-दूसरे के मन की बात सुनें,
उपहार में एक दूसरे की भावनाओं को चुनें।
पवित्र प्रेम से सजा रिश्ता,
शब्दों से लिखा नहीं जा सकता।
दुनिया में अनमोल यह रिश्ता,
जताया कभी नहीं जा सकता।
 
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4 घंटे पहले

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