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मां की ममता

                
                                                         
                            मां की ममता को कभी कोई
                                                                 
                            
देख नहीं पाया
क्योंकि
यह वो अहसास है जो
केवल महसूस किया जा सकता है।
समझा जा सकता है।
दिल में उतारा जाता है पर
ज़ुबान से बयां
नहीं किया जा सकता।

मां की ममता वो स्नेह है जो
संतान के जन्म से मृत्यु तक
उसके हृदय में रहता है।

मां की ममता वो चिंगारी है
जिससे कोई भी दानव
उसकी संतान के पास आने से
डरता है।

मां की ममता कोई खिलौना नहीं
जिसे कोई भी तोड़ जाए
बल्कि यह वो तूफान है जो
संसार को बहाकर ले जाए।

मां की ममता की
कोई परिभाषा नहीं।

मां की ममता की
कोई कहानी नहीं।

मां की ममता स्वयं
एक इतिहास है
जो युगों युगों तक
अपनी गाथा स्वयं सुनाता रहेगा।

मां की ममता वो ग्रंथ है जिसको पढ़कर
संतान और मां का सम्बंध
परिभाषित होगा।
-शाहाना परवीन "शान"
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2 वर्ष पहले

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