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तकदीर अपनी लिखनी है तो

                
                                                         
                            खोज कर जीवन की राहे
                                                                 
                            
उन राहों पर जाना है
तकदीर अपनी लिखनी है तो
जीवन का भार उठाना है

 
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21 घंटे पहले

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