चुलबुली सी लड़की, हवाओं सी तेज,
हर ओर वो छा जाए, रंगों से सजे।
उसकी हंसी की खनक, जैसे चूड़ियों की झंकार,
जितनी भोली, उतनी ही चतुर, निडर और होशियार।
चलती है जब, तो जैसे पायल की आवाज़,
दिलों में मचाए वो मीठी सी गूंज।
आँखों में उसकी चमकती शरारत की रौशनी,
जाने किस पल में क्या कर जाए, वही है उसकी निशानी।
खुद को समझती है बादलों की रानी,
जो चाहे कर जाए, दुनिया लगे कहानी।
हर बात में उसकी है प्यारा सा रस,
वो है चुलबुली, अदाओं में जादू का आभास।
फूलों की खुशबू और तितलियों का रंग,
उसके संग ही सजीले हैं ये हर एक अंग।
उसकी दुनिया है हंसी और उमंग से भरी,
वो चुलबुली सी लड़की, सबके दिलों में बसी।
-सविता
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