रखेगा ता-उम्र वो तेरा ख़याल ?
बस ये यकीन दिला दे मुझे ।
फिर जी सकूँगा मैं सुकून से
मर भी सकूँगा सुकून से ।।
-सत्यपाल सिंह
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X