मुझसे यूँ जवाब तलब न कर
मेरा जवाब कहीं सवाल न बन जाए ।
सोने दे सागर को लहरों के नीचे
करवट बदलना कहीं बवाल न बन जाए ।।
-सत्यपाल सिंह
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