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जिन्दगी तपानी होगी

                
                                                         
                            उसूलों को जिंदा रखना है
                                                                 
                            
तो जिन्दगी तपानी होगी ।

चंद चेहरे होंगे, दोस्तों मे शुमार
भीड़ से दुश्मनी, निभानी होगी ।

कोई नहीं बोलेगा,तेरी जुबां बनकर
खुद बात अपनी, उठानी होगी ।

कदम कदम पर हैं, नकाबपोश यहाँ
असली सूरत उनकी, दिखानी होगी ।

हमें मालूम न था,सच सुनने पर
उन्हें इतनी, परेशानी होगी ।

उजालों के पीछे हैं, अंधेरों के डेरे
अब शमा नई,जलानी होगी ।


-सत्यपाल सिह

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4 वर्ष पहले

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