भूली बिसरी यादों में
रखना मुझे
मिल जाऊं कभी
किसी मोड पर कहीं
तो पहचान लेना
लब ना हिलें
तो नजरों से ही
पूछ लेना मुझे
कैसे हो ?
शायद भुला सकूँ मैं
तेरे जुदा होने का दर्द
कुछ पलों के लिए ही सही ।
-सत्यपाल सिंह
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