बड़े नादान हो, उम्मीद करते हो
उनसे मरहम की ।
जिन्होंने ज़ख्म दिए भी
और कुरेदे भी ।।
-सत्यपाल सिंह
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X