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अश्क ना बहाना तुम

                
                                                         
                            अश्क ना बहाना तुम ।
                                                                 
                            
देख कर मेरा मौन चेहरा
मत होना उदास, मुस्कुराना तुम ।।

मौके आते हैं कम
जब निकलता है दम
वतन के लिए ,
अपने चमन के लिए
जब मिले तुम्हें ये खबर
कि खत्म हुआ मेरा सफर
अपने उज्जवल मुखमंडल पर
उदासी ना लाना तुम ।।

केसरिया चुनरिया सर धर लेना
नाम वतन के कर देना
हर खुशी अपनी
जिन्दगी अपनी
यही प्रेम है मेरा
आख़िरी संदेश है मेरा
शोकगीत नही
देशगान गाना तुम ।।
अश्क ना बहाना तुम ।।
-सत्यपाल सिंह
 
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6 महीने पहले

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