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कैसे कह दूँ

                
                                                         
                            बारिश की बूंदें
                                                                 
                            
शीतल पुरवैया
तलते पकौड़े की खुश्बू
फिर भी
कैसे कह दूँ --
बरसात मुबारक!
उफनती नदियाँ
दरकती जमीन
खिसकते पहाड़
गिरती बिजलियाँ
कचरे के ढेर
फैलती बीमारियां
फिर
कैसे कह दूँ --
बरसात मुबारक!
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49 मिनट पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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