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फलक से उतर कर ही आना पड़ेगा

                
                                                         
                            फलक से उतर कर ही आना पड़ेगा
                                                                 
                            
है दस्तूर तुम को निभाना पड़ेगा

तुम्हारी बहुत नाक ऊँची है लेकिन
किसी रोज तो सर झुकाना पड़ेगा

तुम्हारी ये चुप्पी तुम्ही को मुबारक
हमें सच से पर्दा उठाना पड़ेगा

ये जुमले तुम्हारे न आएंगे अब काम
तुम्हें काम कर के दिखाना पड़ेगा

धकेला है हमको जमीं पर ही अक्सर
हमें कुर्सी पर अब बिठाना पड़ेगा

फरेबों का तुमने बनाया महल है
किसी रोज इसको ढहाना पड़ेगा

हमी ने तुम्हें ताज पहनाया था कल
हमी कहते हैं तुम को जाना पड़ेगा
- सतीश बोरकर
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एक महीने पहले

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