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अगर चाहते हो समाज में तुम्हारी वाह-वाह हो

                
                                                         
                            कायाकल्प
                                                                 
                            

अपनें भले बुरे से यदि आगाह हो
आनें वाले कल की तुम्हें परवाह हो
जिंदगी में अगर कुछ बननें की चाह हो
अगर चाहते हो समाज में तुम्हारी वाह-वाह हो

एक एक स्टेप रोज चढ़ना पड़ेगा
जिद करनीं पड़ेगी, अडना पड़ेगा
अपनीं ही कमियों से रोज लडना पड़ेगा
कोई शॉर्टकट नहीं होता, पढ़ना पड़ेगा

पढ़ना मुश्किल लगता हो, मन ना करता हो
या समझ न आता हो, सिर के ऊपर से उतरता हो
पढ़ना तो फिर भी पड़ेगा, मतलब जूझना पड़ेगा
पार पानें का तरीका ढूँढना पड़ेगा, बूझना पड़ेगा

काम दुनिया में कोई आसान नहीं होता
जो आसानी से हो जाये वो काम नहीं होता
कोई इज्जत नहीं करता, बड़ा दाम नहीं होता
आसान काम करनें वालों का कहीं नाम नहीं होता

बड़ी उपलब्धि चाहिए तो बड़ा संकल्प लो
संकल्प ले लिया, तो फिर कोई ना विकल्प हो
धीरज ऐसा बेजोड़, अकल्प हो
बिखर के फिर से बन सको, ऐसा कायाकल्प हो
 
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8 घंटे पहले

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