मछली का जीवन है पानी,
कहलाती जल की रानी ।
बचपन बीता जल में ही,
बीती पूरी जवानी ।।
बिन पानी के जी न सकेगी,
तड़प के देगी जान ।
ऐसी दोस्ती दुर्लभ है,
यह दोस्ताना परम महान।।
सीखो तुम मित्रता निभाना, मछली के जीवन से ।
मानो जिसको प्यारे बच्चों!
मानो पूरे मन से ।।
कैसे धमा-चौकड़ी करती,
जल में मछली रानी ।
पता लगाओ चाहे जैसे,
इसकी और कहानी ।।
मछली रानी, मछली रानी,
क्या जल में तुम करती हो?
हाथ लगाने से बच्चों के,
क्यों तुम इतना डरती हो?
हम बच्चों के भी जीवन में,
ऐसी चंचलता आए ।
तेरा तैरना मछली रानी,
हम अबोध बच्चों को भाए ।।
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