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ॐ नमः शिवाय

                
                                                         
                            ॐ नमः शिवाय
                                                                 
                            
ॐ नमः शिवाय

कण कण में शंकर है
मन मन में शंकर
ब्रह्मांड समस्त है
शिव शंकाराय
ॐ नमः शिवाय

भस्म रमाए
और चर्म चढ़ाए
गंगा जटाओं में
ऐसे समाय
ॐ नमः शिवाय


चंद्र विभूषित है
शक्ति सुशोभित
त्रिनेत्र में शिव
प्रलय है समाय
ॐ नमः शिवाय


आंखों में करुणा
विरक्ति के भाव
विषय वासना पर
विजय है शिवाय
ॐ नमः शिवाय


प्रेम के भूखे है
भाव के भूखे
धतूरा बेल
विभूति चढ़ाय
ॐ नमः शिवाय


सोमनाथाय
ममलेश्वराय
द्वादश ज्योर्तिलिंग
स्वरूपाय
ॐ नमः शिवाय
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4 वर्ष पहले

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