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एक सुबह तुम्हारे साथ

                
                                                         
                            एक सुबह… तुम्हारे साथ
                                                                 
                            

एक सुबह,
और तुम्हारा साथ,
तुम्हारे हाथ का बना
वो बेसन का ढोकला,
और साथ में चाय की प्याली।

पास में तुम,
मुझसे गपशप करती,
खुशी से मुस्कुराती हुई,
और तेरे चेहरे पर
वो प्यारा-सा सुकून।

मेरा तुमसे ये कहना—
“तुम भी तो खाओ जी, ढोकला।”

तुम्हारा मुझे देखते रहना,
और फिर मुस्कुरा देना—
“आप खाइए।”

अपनी चाय की प्याली
तेरे होठों से लगा देना,
और अपने हाथों से
ढोकला खिला देना।

“आप ज़्यादा खाइए…
आपके लिए बनाए हैं।”

मेरे लिए…

मुझे खुश देखकर,
मेरा ख़याल रखकर
खुद ही खुश हो जाना,
उसे अपना सुकून समझती हो।

तो सुनो ना…

तुम मेरी ज़िंदगी हो।

तुम्हारा मेरा ख़याल करना
मुझे तुम्हारे प्यार के
और बेहद करीब,
दिल के पास ले जाता है।

 
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4 घंटे पहले

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